उत्तमा भक्ति के लक्षण (भाग २)

श्री हरिभक्तिविलास की विज्ञप्ति से उद्धृत। प्रसिद्ध मानसभाव शब्द से स्थायी एवं सञ्चारी भावसमूह का बोध होता है । प्रीति विषादात्मक शब्द का अर्थ – रागात्मक एवं द्वेषात्मक है । वाचिक चेष्टा–कीर्तन, मानस चेष्टा–स्मरण, शारीर चेष्टा–श्रवणादि हैं । निवृत्त्यात्मक चेष्टा…

