Śrī Śrī-Kṛṣṇa dāsa

Śrī Śrī-Kṛṣṇa dāsa

उत्तमा भक्ति के लक्षण (भाग २)

Shri Krishna with Go

श्री हरिभक्तिविलास की विज्ञप्ति से उद्धृत। प्रसिद्ध मानसभाव शब्द से स्थायी एवं सञ्चारी भावसमूह का बोध होता है । प्रीति विषादात्मक शब्द का अर्थ – रागात्मक एवं द्वेषात्मक है । वाचिक चेष्टा–कीर्तन, मानस चेष्टा–स्मरण, शारीर चेष्टा–श्रवणादि हैं । निवृत्त्यात्मक चेष्टा…

उत्तमा भक्ति के लक्षण (भाग १)

Shri Krishna playing flute

श्री हरिभक्तिविलास की विज्ञप्ति से उद्धृत। अनुशासित मानव जीवन अभ्युदय अर्थात् उन्नति, भाग्योदय, सौभाग्य, श्रीवृद्धि, आनन्द, इष्टलाभ का एकमात्र हेतु है। अनुशासन के अभाव से मानव जीवन अतीव अशिव होता है, यहाँतक कि – अनुशासन हीन एक मानव ही पृथ्वी…

श्री हरिदास निवास में श्री गुरुपूर्णिमा समारोह

Guru purnima celebration 2026 2026 08 22

श्री गुरुपूर्णिमा उत्सव अत्यंत सुंदर रूप से संपन्न हुआ, जिसमें आश्रम के शिष्यों, भक्तों और शुभचिंतकों ने भाग लिया। संपूर्ण प्रातःकाल कीर्तन होते रहे। श्री महाराज-जी, श्री परम गुरु-जी और श्री हरिदासेश्वर-जी (श्री हनुमान-जी) की समाधियों पर माल्यार्पण के पश्चात्,…